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23.09.2020 || प्रेस विज्ञप्ति

By January 3, 2022 No Comments

आज दक्षिणी दिल्ली जिला महरौली में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कृषि बिल लाने पर किसानों की आय 2022-23 तक दोगुनी हो जाए उनके इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए, बिल के समर्थन में और माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का धन्यवाद करने लिए किसानों का एक सम्मेलन सभा के रूप में छत्तरपुर में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र के सांसद होने के नाते श्री रमेश बिधूड़ी जी को आमंत्रित किया गया। इस दौरान वर्तमान में चल रही कोविड-19 महामारी के नियमों का पालन सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए किया गया। यह बिल किसानों के लिए कितना लाभकारी है इसकी जानकारी सांसद रमेश बिधूड़ी ने सभा में उपस्थित किसानों को सरल भाषा में विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि इस बिल के अन्दर कुछ विरोधी पार्टियाॅं विशेष रूप से कांगे्रस राजनीति कर रही है, जबकि इस बिल में एक भी क्लाॅज ऐसी नही है जो किसानों को नुकसान पहु्ॅंचाती हो, यह बिल पूर्ण रूप से 100 प्रतिशत किसानों के हित में है, वह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि मंडियाॅं अब खत्म कर दी जाएॅगी, जबकि ऐसा नहीं है, यह तथ्यों से परे है, मंडियाॅं ज्यों कि त्यों सभी रहेंगी, वह दुष्प्रचार कर रहे हैं एम.एस.पी. खत्म कर दी जाएंगी, उन्होंने बताया कि अभी दो दिन पहले ही माननीय कृषि मंत्री जी ने संसद में नए साल 2020-21 की एम.एस.पी की सूची जारी की है, एम.एस.पी का इस बिल से कोई लेना-देना नहीं है। एम.एस.पी प्रतिवर्ष सरकार यूॅंही तय करती रहेगी, किसान चाहंे अपना अनाज मंडी में बेचे या खुले बाजार में बेचे अब इससे किसान की बाउंडेशन राज्य की मंडियों से खत्म कर दी गई है अब किसान अपनी मर्जी से पूरे भारत को एक मंडी के रूप में विस्तृत बनाकर भारत की किसी भी मंडी में अपनी उपज को अपनी इच्छा मूल्यों के अनुसार बेच सकता है, जिससे किसान एक दबाव और गुलामी की प्रवृति से निकलकर बाहर आएगा। यह किसानों को लाभ देने वाला बिल है, इस बिल के अंदर ठेकेदार किसान से कोई भी काॅन्ट्रैक्ट करेगा तो वहाॅं पर 30 दिन के अंदर अगर काॅन्ट्रैक्ट में कोई भ्रान्ति व कुवितरण हो जाता है तो एस.डी.एम को अधिकार है कि उसका निबटान करे, पहले एसडीएम पंचायत के माध्यम से दो व्यक्ति किसान व दो व्यक्ति ठेकेदार बुलाकर फेसला तय करेगा और नहीं करेगा तो 30 दिन में एसडीएम को उसका फेसला देना पड़ेगा, फेसले में भी एसडीएम बाध्य है कि वो किसान को किसी भी तरह से जुर्माना/पेनल्टी नहीं लगा सकता, ज्यादा से ज्यादा किसान करार को रद्द करना चाहता है तो किसान ने जो एडवांस में लिया है उसे वापस लौटाएगा वो भी केवल तब, जब किसान की फसल बिक जाएगी, अगर किसान की फसल बिकने पर भी वह पैसा पूरा नही देता है तो उसके घर, जमीन, खेत से कोई लेना-देना नही है, करार जो होगा वह फसल का होगा ना कि जमीन व खेत का होगा, इस करार के माध्यम से अगर किसान से कोई करारदाता करार करेगा तो करार करते वक्त जो कीमत तय की जायेगी उसके अंतर्गत अगर ओले पड़ जायें, बाढ आदि से फसल को नुकसान होता है तो किसान को इसकी कीमत का पूरा पैसा देने का करारदाता हकदार होगा, ऐसी स्थिति में किसान को पूरा पैसा दिया जाएगा चाहें वह ठेकेदार इंश्योरेंस ले या कहीं से भी ले किसान को उससे कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए एम.एस.पी से ऊपर हुए करार में किसी भी नुकसान का दायित्व केवल करारदाता का होगा किसान का नहीं होगा किसी भी सूरत में। श्री बिधूड़ी ने बताया कि इस बिल में इस प्रकार के अनेकों प्रावधान हैं जो किसान को उसकी माली हालत से ऊपर उठाने का काम करेगा और उसकी कीमत का दोगुना उसे मिल जाए, इस उद्देश्य को लेकर आज यह किसान सम्मेलन आयोजित किया गया है, उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोक सभा से लेकर एन.सी.आर के इलाकों में जाकर इसी प्रकार से हम किसानों को जागरूक करेंगे और उन्हें उनके हित की जानकारियाॅं देंगे। इस संदर्भ में उन्होंने आगे बताया कि अगली बैठक महरौली जिले में ही जहाॅं किसानों के गाॅंव अधिक पड़ते हैं वह किशनगढ़, भरथल, नजफगढ़ या महिपालपुर क्षेत्र में रखना तय किया है।