आज दिनांक 01 जून 2020 सोमवार को दक्षिणी दिल्ली संासद रमेश बिधूड़ी ने केजरीवाल की रणनीतियों से परेशान होकर ग्रेटर कैलाश जलबोर्ड कार्यालय पर केजरीवाल के पत्र के साथ सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए देवली व संगमविहार विधानसभा में पानी की समस्या से वर्षाे से जूझ रहे लोगों के लिए दिल्ली जल बोर्ड के क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता को ज्ञापन सौंपकर अपना रोष प्रकट किया। पानी की समस्या इस हद तक बढ़ गई कि पानी से सम्बन्धित एक विवाद में विधायक द्वारा जबरदस्ती वसूली से डा0 राजेन्द्र ने आत्महत्या कर ली थी। केजरीवाल की शह पर उनके विधायकों द्वारा पीने के पानी की कालाबाजारी होती है।

केजरीवाल जी अपनी जिम्मेवारी का निर्वाह इमानदारी से नही कर रहे है, सिर्फ सत्ता पर बने रहने का प्रपंच रचते रहते है, क्या वो जानते नही कि उनके विधायक, जल बोर्ड के टैंकर हों या राशन की दुकानें बगैर हफ्ता वसूली चलने ही नही दे रहे। विकास के हर कार्य में ठेकेदारों से हिस्सा लेते हैं। यह है केजरीवाल जी की ईमानदारी, अब बताओ लोगों को कैसे मरने दें। अब कोई कितना भी कहे कि हम राजनीति कर रहे हैं, हम राजनीति नहीं कर रहे। कोरोना वायरस से आप 4 गुना लोगों को मारना चाहते हैं क्योकि जल ही जीवन है श्जान है तो जहान हैश् पानी नहीं होगा तो लोगों को घर से बाहर निकलना ही पड़ेगा और घर से बाहर निकलेंगे तो कोरोना वायरस बढ़ेगा। केजरीवाल साहब क्वारंटाइन का मतलब है कि उसकी सभी व्यवस्था घर में कराई जाएँ। जब व्यवस्था ही नहीं होंगी तो लोगों को मजबूरन घर से बाहर निकलना ही पड़ेगा। दिल्ली में हेल्थ व्यवस्था को ही लें हमने पहले ही कहा था, जब केजरीवाल जी ने विडियो कॉनफ्रेन्सिंग से पहली बार बात करने कि जहमत उठाई थी कि स्टेडियमों में 10 से 15 हज़ार बेडों की व्यवस्था की जाए केजरीवाल ने उस बात को केंद्र पर डालकर टाल दिया। राजनीति उन्होंने कि जबकि दिल्ली सरकार के स्टेडियम हैं। यदि महाराष्ट्र में स्टेडियम में व्यवस्था की जा सकती है तो यहाँ क्यों नही? गरीब लोगों को इलाज के लिए बेड नहीं मिल रहे, लोग भर्ती नहीं हो रहे हैं। जो लोग कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं हैं उनका भी इलाज नहीं हो रहा है। उनको कह दिया जाता है कि पहले कोरोना टेस्ट कराइए। चाहे वो हार्ट का पेशेंट हो या कैन्सर का, जब तक उनको टेस्ट कराकर रिपोर्ट मिलती है तब तक वो मौत को प्राप्त हो जाते हैं ये सब केजरीवाल का पाप है इसलिए आज हम यहाँ हैं ताकि लोगों को घरों पर पानी मिले।