18.02.2019 दक्षिणी दिल्ली सांसद रमेश बिधूड़ी ने तिगडी व संगम विहार कालोनीयों में वहां के नागरिकों को साथ लेकर झूठे केजरीवाल के एक नए झूठ को उजागर किया जिसमें पिछले चार साल से नरक भोग रहे कलोनीवासियों को झूठी एडवरटाइजमैंट लगभग 17 करोड रू बर्बाद कर गुमराह करने का प्रयास 2014-15 में मंजूर लाइनो को अभी तक क्यों नही डलवाया बिधूड़ी ने बताया अब उन्ही कार्यों का श्रेय लेने का नाटक कर रहा है केजरीवाल I सांसद रमेश बिधूड़ी ने वर्क ऑर्डर की कॉपी दिखा कर मीडिया को बताया किस तरीके से केजरीवाल जनता को गुमराह कर रहा है  विधुड़ी ने संगम विहार व तिगड़ी मैं दौरा तथा एक प्रेस कांफ्रेस आयोजित कि। जिसमें उन्होंने  संगम विहार के लोगों की समस्या को बताते हुए कहा कि संगम विहार और देवली विधानसभा के लोग नारकीय जीवन जी रहे है। साल 2014-15 में हमने चीफ सेक्रेटरी के साथ मिटिंग करके संगम विहार, देवली, तीगड़ी, खानपुर एक्टेंशन, प्रहलादपुर, बदरपुर और महावीर एन्क्लेव में सीवर पाइपलाइन और पानी की पाइपलाइन लगाने का काम शुरू किया था, जो लगभग 350 करोड़ रूपये का था। तुगलकाबाद से विधायक रहते हुए मैंने प्रहलादपुर, लाल कुंआ, हरकेश नगर में यह काम करवा दिया था, लेकिन जो काम 4 साल पहले पूरा होना चाहिए वह 2 साल पहले केवल रस्म अदायगी के तौर पर करके छोड़ दिया गया है। संगम विहार के 3 लाख के ज्यादा लोग नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर है।

मुख्यमंत्री ने करोड़ों रूपये विज्ञापन पर खर्च कर जनता से झूठे वादे करके तिगड़ी की 12 कॉलोनियों में सीवर लाइन डालने की बात कही है, लेकिन हकीक़त में ऐसा कुछ नहीं है। तिगड़ी की मेन रोड में सिर्फ पानी निकालने के नाम से एक किलोमीटर में लाइन डालने का काम दिया गया है। केजरीवाल पहले की तरह ही सभा करके मुफ्त बिजली और पानी देने जैसे झूठे वादें करके फिर से दिल्ली की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे है। हमें दिल्ली की जनता की चिंता है, इसलिए मीडिया के माध्यम से हम लोगों को बताना चाहते है कि इस झूठे व्यक्ति के झासे में ना आए। जो काम चार साल पहले 43 करोड़ में दिया गया था अब उसी काम के लिए 62 करोड़ रूपये दिए जा रहे है। जनता के टैक्स के पैसों का दुरूपयोग करके करोड़ो रूपये के विज्ञापन किए गए है। केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के पैसों का दुरूपयोग और उनके विश्वास के साथ धोखा किया है। इसकी जांच होनी चाहिए। पूरे चार साल में केजरीवाल ने अनाधिकृत कॉलोनियों में एक भी मिटिंग नही की, इसको लेकर शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली की सरकार को पत्र लिखा है और कहा है कि आप हमेशा कहते रहते है कि केन्द्र की सरकार आपको काम नही करने दे रही है, लेकिन आपने स्वंय किसी काम के लिए पहल नही की।