2021

Press Conference Lodhi Estate

By October 4, 2021 No Comments

आज दक्षिणी दिल्ली सांसद श्री रमेश बिधूड़ी ने अपने लोधी इस्टेट स्थित सरकारी आवास पर प्रेस वार्ता कर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर देश को शर्मसार कर देने वाली घटना के विषय में कहा कि दिल्ली में जिस प्रकार से दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अर्धसैनिक बल और पुलिस से डीटीसी की बसों को वापस लिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि वो दिल्ली में अराजकता करवाना चाहते हैं। वो चाहते हैं कि पुनः एक बार और लाल किला व तिरंगा अपमानित व शर्मसार हो, क्योंकि 6 तारीख को चक्का जाम की कॉल जो किसान संघ की है, उसमंे अर्धसैनिक बल और पुलिस को जहॉं आपात स्थिति में फोर्स की आवश्यकता होती है वहॉं फोर्स बसों के माध्यम से भेजी जाती है।

बिधूड़ी ने आगे कहा कि मैं धन्यवाद दुंगा उन लोगों का जिन्होंने नेशनल टेरिटरिज को बनाया था, उन्हें पहले से आभास रहा होगा कि केजरीवाल जैसा कोई विशेष प्राणी दिल्ली में पैदा होगा जो मुख्यमंत्री बनने के बाद वो भारत की अस्मिता को तार-तार करवा देगा। दिल्ली में सभी देशों की एम्बेसी है, सभी देशों के राजदूत रहते हैं और देश की प्राचीर लाल किले पर जो पिछले दिनों हुआ उसे देखकर लगता है कि वह अंदर से बहुत प्रसन्न हुए होंगे कि जिस प्रकार से एक विशेष धर्म का झण्डा वहॉं पर फहराकर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए थे। इसलिए केन्द्र सरकार को त्वरित संसद में बिल लाकर केजरीवाल की पावर सीज करनी चाहिए और बगैर माननीय उपराज्यपाल के इस प्रकार के अधिकार उन्हें ना दिए जाएं ऐसा कानून केन्द्र सरकार को लाना चाहिए, जिससे कि केजरीवाल भविष्य में देश को शर्मशार करने वाले ऐसे निर्णय ना ले सकें। अभी दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों को आने-जाने में एक जगह से दूसरी जगह फोर्स को पहॅुचाने में दिक्कत होगी तो बॉर्डर पर दंगाई लोग इक्कठा हो कर दिल्ली में आएंगे और दिल्ली वासियों के लिए जान का खतरा बनेगे। इसलिए ऐसे मुख्यमंत्री के साथ जैसे एन.सी.टी. कानून बनाया गया था, उसी प्रकार विशेष पावर सूचना देकर उसको 7 से 12 दिन में उनकी केवल जानकारी में डाला जाए और उनसे अधिकार छीने जाएं। केन्द्र में यह कानून आएगा तो देश सुरक्षित बचेगा वरना यह तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है, जिसका केजरीवाल भी एक मोहरा हैं। क्योंकि सबसे पहले 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान धरने पर बैठने वाले महानुभाव ये ही केजरीवाल थे जो मुख्यमंत्री रहते धरने पर बैठे थे। इन्हीं की सलाह पर किसान सघों ने निर्णय लिया होगा कि 26 जनवरी को हम दिल्ली कूच करेंगे, भारत को शर्मशार करने के लिए। बिधूड़ी ने कहा कि देश को शर्मशार होने से बचाने के लिए इस प्रकार के महानुभाव मुख्यमंत्री से अधिकार छीन कर माननीय उपराज्यपाल को दिए जाने चाहिये। बिधूड़ी ने ये भी कहा कि देश में अराजकता के लिए जगह नहीं है, देश संविधान व कानून से चलेगा, केजरीवाल कानून को तार-तार करने का काम करेंगे, यदि वह पहल करेंगे तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। बिधूड़ी ने केन्द्र सरकार से केजरीवाल को जो सुरक्षा मुहैया कराई गई है उसे वापस लेने की मॉंग की।